Sonam Wangchuk End’s Hunger Strike: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात घटनाक्रम ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली। महज 88 मिनट के भीतर केंद्र सरकार और आंदोलन से जुड़े चार बड़े फैसलों ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर बदलाव हुआ, पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित कर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया और आखिरकार 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। 88 मिनट में बदलाव का असर इन घटनाओं ने यह संकेत दिया कि सरकार अब परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों को लेकर तेजी से फैसले लेने के मूड में है। रात 11 बजकर 4 मिनट से लेकर 12 बजकर 32 मिनट तक लगातार हुए घटनाक्रम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए। 28 जून से शुरू हुआ था अनशन सोनम वांगचुक ने 28 जून को नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों की मांगों के समर्थन में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा। लंबी बातचीत के बाद टूटा अनशन अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। वांगचुक ने कहा कि पिछले 26 दिनों के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि देश में तनावपूर्ण माहौल और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद सहमति बनी। उन्होंने कहा कि समझौते की सभी शर्तों की विस्तृत जानकारी वह अलग से साझा करेंगे और लोगों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की। 88 मिनट में हुए चार बड़े फैसले 11:04 बजे- शिक्षा सचिव का तबादला रात 11 बजकर 4 मिनट पर केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया। शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया। उनकी जगह वरिष्ठ IS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया। इसी आदेश में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के भी तबादले किए गए। 11:10 बजे- फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था शिक्षा सचिव के तबादले के कुछ ही मिनट बाद पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 'फास्ट ट्रैक' कोर्ट की व्यवस्था लागू करने की सूचना सामने आई। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष अदालत गठित की गई, जहां परीक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई तेजी से होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबी न्यायिक प्रक्रिया को कम करना और दोषियों के खिलाफ जल्द फैसला सुनिश्चित करना बताया गया। https://twitter.com/narendramodi/status/2080357811662492096 11:52 बजे- प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश रात 11 बजकर 52 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और अभिभावकों के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के सपनों पर सीधा हमला हैं और सरकार ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए और कड़े कानूनी प्रावधानों पर काम कर रही है तथा इस संबंध में तैयार मसौदे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी। https://twitter.com/Wangchuk66/status/2080380336630800427 12:32 बजे- वांगचुक ने खत्म किया अनशन रात 12 बजकर 32 मिनट पर खबर आई कि सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अनशन तोड़ा। वांगचुक ने कहा कि लंबी बातचीत और कुछ महत्वपूर्ण आश्वासनों के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। अब सबकी नजर शुक्रवार यानि आज पर गुरुवार रात के घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को भी हलचल जारी रहने की संभावना है। छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन ने लोगों से अपने-अपने जिलों और शहरों में एकत्र होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की है। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित सख्ती का विरोध और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को आगे बढ़ाना बताया गया है। https://twitter.com/CJP_for_India/status/2080474406854508821 दिल्ली में हाई अलर्ट संभावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि कुछ मेट्रो स्टेशनों के संचालन में भी अस्थायी बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड के प्रावधानों को लेकर महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है। ये भी पढ़ें: सरकार का लिखित भरोसा… आखिर किन 3 मांगों पर बनी सहमति?